रामसर साइट
खबरों में क्यों है?
- हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने 15 और भारतीय आर्द्रभूमि को रामसर का दर्जा प्राप्त होने की सूचना दी है।
- हाल ही में 11 और रामसर साइट शामिल किये गए हैं तो हाल ही में
15+11= 26 नए रामसर साइट –
तमिलनाडु (13)- करिकीली पक्षी अभ्यारण्य, पल्लीकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट, पिचवरम मैंग्रोव, कुनथननकुलम पक्षी अभयारण्य, मन्नार की खाड़ी समुद्री बेयोस्फियर रिजर्व, वेमबन्नुर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, वेलोड पक्षी अभ्यारण्य, उदयमार्थद पुरम पक्षी अभ्यारण्य, वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य, चित्रांगुड़ी पक्षी अभ्यारण, सुचिन्द्रम थेरुर वेटलैंड काम्प्लेक्स, वडुवुर पक्षी अभ्यारण, कंजिराम्कुलम पक्षी अभ्यारण
मध्य प्रदेश (3)- साख्य सागर , सिरपुर वेटलैंड, यशवंत सागर
मिजोरम (1)– पाला आर्द्रभूमि
ओडिशा (4)- सत्कोसिया गार्ज, तम्पारा झील, हीराकुंड जलाशय , अंसुपा झील
गोवा (1)- नंदा झील
कर्नाटक (1)- रंगनाथितु बीएस
महाराष्ट्र (1)– ठाणे क्रीक
जम्मू कश्मीर (2) – हाइगम वेटलैंड कन्जर्वेसन रिज़र्व , शालबुग वेटलैंड कन्जर्वेसन रिज़र्व
रामसर साइट किसे कहते हैं?
- रामसर कन्वेंशन 1971 में आस्तित्व में आया ।
- इसका नाम करण ईरानी शहर रामसर नाम पर रखा गया।
- यह आर्द्रभूमि और उनके संसाधनों के संरक्षण और बुद्धिमानी भरे उपयोग के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की रूपरेखा प्रदान करता है ।
- इसका उद्देश्य जैविक विविधता को संरक्षित और सुरक्षित रखना है ।
रामसर साइट का दर्जा क्यों दिया जाता है?
- रामसर मानदंड के तहत आर्द्रभूमि को उनकी इकोलॉजी, बॉटनी, जूलॉजी, हाइड्रोलॉजी की जैव विविधता और विशिष्टता के संदर्भ में उनके अंतरराष्ट्रीय महत्व के कारण रामसर सूची के लिए चुना जाता है ।
- इसके अलावा किसी भी मौसम में जलीय जीव-जंतुओं या वाटर बर्ड्स के लिए अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि को रामसर सूची में शामिल किया जाता है ।
- रामसर साइट का टैग अर्द्रभूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ सुरक्षा की दृष्टि से दिया जाता है।
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आर्द्रभूमि क्या है?
- आर्द्रभूमि क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र होता है जहां जमीन पानी से ढकी होती है जैसे तालाब, झील, नदी का डेल्टा ,दलदली भूमि और समुद्र का किनारा आदि जगहों को आर्द्रभूमि कहते हैं।
- दलदल, पंकभूमि, पीट भूमि या पानी के क्षेत्र चाहे प्राकृतिक या कृत्रिम, स्थाई या अस्थाई पानी के साथ चाहे स्थैतिक हो या बहता हो, ताजा हो या खारा हो, नमकीन हो आदि को आद्रभूमि कहते हैं।
- इसमें समुद्री पानी के क्षेत्र भी शामिल हैं ।
- जिसमें कम ज्वर पर गहराई 6 मीटर से अधिक ना हो।
- प्रत्येक वर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है।
भारत में स्थिति
- रामसर समझौता 21 दिसंबर 1975 को लागू हुआ। भारत में रामसर संधि पर 1 फरवरी 1982 को हस्ताक्षर किया गया।
- विश्व आर्द्रभूमि दिवस पहली बार 1997 में मनाया गया ।
- अब भारत में रामसर स्थलों की संख्या 75 है।
- जो दक्षिण एशिया के किसी भी देश के लिए सबसे अधिक है ।
- जबकि सबसे अधिक रामसर साइट्स वाले देश यूनाइटेड किंग्डम (175 )और मैक्सिको (145) है।
- भारत में आर्द्रभूमि की परिभाषा में नदियों के चैनल धान के खेत आदि को शामिल नहीं किया जाता ।
- क्योंकि इसमें वाणिज्यिक गतिविधियां होती रहती हैं।
- विश्व स्तर पर आर्द्रभूमि दुनिया के भौगोलिक क्षेत्र का 6.4% है ।
- भारत में इसरो द्वारा संकलित राष्ट्रीय आर्द्रभूमि सूची और आकलन अनुसार आद्रभूमि 1250361 हेक्टेयर क्षेत्र में है।
- देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 4.63% तटीय प्राकृतिक आर्द्रभूमि का 24.3% है।
- भारत में 19 प्रकार की आर्द्रभूमि है।
राज्य स्तर पर
- गुजरात 34700 वर्ग किलोमीटर (राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 17.56%) के साथ शीर्ष पर है।
- देश के कुल आर्द्रभूमि क्षेत्रों का 22.7 प्रतिशत भाग लंबी तट रेखा के कारण है ।
- आंध्र प्रदेश 14500 वर्ग किलोमीटर के साथ दूसरे नंबर पर है।
75 रामसर साइट
उत्तर प्रदेश (10)- बखिरा वन्यजीव अभयारण्य, सरसई नावर झील, हैदरपुर वेटलैंड, नवाबगंज पक्षी अभयारण्य, साण्डी पक्षी अभयारण्य, सुर सरोवर झील / कीथम झील, पार्वती अरगा पक्षी अभयारण्य, समसपुर पक्षी अभयारण्य, समन पक्षी अभयारण्य, ऊपरी गंगा नदी |
तमिलनाडु (14)- प्वाइंट कैलिमेरे वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य,करिकीली पक्षी अभ्यारण्य, पल्लीकरनई मार्श रिजर्व फॉरेस्ट ,पिचवरम मैंग्रोव ,कुनथननकुलम पक्षी अभयारण्य, मन्नार की खाड़ी समुद्री बेयोस्फियर रिजर्व, वेमबन्नुर वेटलैंड कॉम्प्लेक्स, वेलोड पक्षी अभ्यारण्य, उदयमार्थद पुरम पक्षी अभ्यारण्य और वेदान्थंगल पक्षी अभयारण्य, चित्रांगुड़ी पक्षी अभ्यारण, सुचिन्द्रम थेरुर वेटलैंड काम्प्लेक्स, वडुवुर पक्षी अभ्यारण, कंजिराम्कुलम पक्षी अभ्यारण
पंजाब (5)- हरिके झील, कंजली झील, रोपड़ वेटलैंड, केशोपुर मिआनी कम्युनिटी रिजर्व, व्यास संरक्षण रिजर्व,
गुजरात (4)- खिजड़िया पक्षी अभयारण्य, वाधवाना आर्द्रभूमि क्षेत्र, थोल झील वन्यजीव अभ्यारण्य, नालसरोवर पक्षी अभयारण्5
ओडिशा (6)- चिल्का झील,भितरकनिका मैंग्रोव,सत्कोसिया गार्ज, तम्पारा झील, हीराकुंड जलाशय एवं अंसुपा झील
जम्मू और कश्मीर (6)- वुलर झील, होकेरा वेटलैंड, सुरिंसर , मानसर झील, हाइगम वेटलैंड कन्जर्वेसन रिज़र्व , शालबुग वेटलैंड कन्जर्वेसन रिज़र्व
केरल (3)- अष्टमुडी झील, सस्थमकोट्टा झील, वेम्बनाड-कोल आर्द्रभूमि
मध्य प्रदेश (4)- भोज वेटलैंड,साख्य सागर ,और सिरपुर वेटलैंड,यशवंत सागर
हिमाचल प्रदेश (3)- पोंग बांध झील, चंदेरटल वेटलैंड, रेणुका वेटलैंड
महाराष्ट्र (3)- लोनार झील, नंदुर मध्यमेश्वर,ठाणे क्रीक
राजस्थान (2)- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान , सांभर झील
हरियाणा (2)- भिड़ावास वन्यजीव अभ्यारण्य, सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान
लद्दाख (2)- त्सो कर आर्द्रभूमि क्षेत्र, त्सो मोरीरी झील
पश्चिम बंगाल (2)- पूर्व कोलकाता आर्द्रभूमि, सुंदरवन डेल्टा क्षेत्र
कर्नाटक (2)- रंगनाथितु बीएस, नागरहोल वन्यजीव अभयारण्य
मणिपुर (1)- लोकटक झील
आंध्र प्रदेश (1) – कोलेरु झील
बिहार (1)- काबर ताल
असम (1)- दीपोर बील
उत्तराखंड (1)- आसन कंजर्वेशन रिजर्व,
त्रिपुरा (1)- रुद्रसागर झील
गोवा (1)- नंदा झील
मिजोरम (1) – पाला आर्द्रभूमि,
आर्द्रभूमि प्रावधान
- रामसर कन्वेंशन 1975 में लागू हुआ।
- उद्देश – सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य विश्व के सभी आर्द्रभूमियों का संरक्षण और बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग।
- मॉन्टेक्स रिकॉर्ड – यह आर्द्रभूमि स्थलों का एक रजिस्टर है।
भारत में अर्द्रभूमि का संरक्षण
- यह आर्द्रभूमि नियम 2017 के तहत किया जाता है।
- वर्ष 2010 में केंद्रीय आर्द्र भूमि संरक्षण प्राधिकरण का प्रावधान था ।
- लेकिन वर्ष 2017 में नए नियमों के अंतर्गत इसके स्थान पर राज्य स्तरीय निकायों की व्यवस्था की गई।
रामसर साइट के महत्व
- आर्द्रभूमि अत्यधिक उत्पादक परिस्थितिकी तंत्र है।
- यह उच्च स्तर के पोषण तत्वों और जीवो के विकास के लिए आदर्श माना जाता है।
- यह बाढ़ के पानी की गति को कम करता है ।
- यह मिट्टी के कटाव में कमी करता है ।
- यह प्रजातियों के रहने तथा प्रजनन के लिए उपयोगी है ।
- यह कार्बन डाइऑक्साइड का संग्रहण करता है।
Question Answer related with Ramsar Sites In India List In Hindi -:
प्रश्न : विश्व का पहला रामसर स्थल किसे घोषित किया गया था ?
उत्तर : विश्व का पहला रामसर स्थल 1974 में ऑस्ट्रेलिया में स्थित कोबोर प्रायद्वीप को घोषित किया गया था।
प्रश्न : विश्व आर्द्रभूमि दिवस कब मनाया जाता है ?
उत्तर : 2 फरवरी
प्रश्न : विश्व में कुल कितने रामसर स्थल हैं ?
उत्तर : विश्व में 2500 से ज्यादा रामसर स्थल घोषित किए जा चुके हैं।
प्रश्न : भारत की पहली रामसर साइट कौन सी है ?
उत्तर : अक्टूबर 1981 में भारत के दो स्थलों को सबसे पहले रामसर स्थल घोषित किया गया था। – ओड़िशा में स्थित चिलिका झील और राजस्थान में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान।
प्रश्न : वर्तमान में भारत में कितने रामसर स्थल हैं ?
उत्तर : वर्तमान में भारत में 75 रामसर साइट्स हैं।
प्रश्न : रामसर सम्मेलन कब हुआ था ?
उत्तर : रामसर सम्मेलन ईरान के शहर रामसर में 2 फरवरी 1971 को आयोजित किया गया था।
प्रश्न : भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल कौन सा है ?
उत्तर : पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरबन वेटलैंड भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल है। यह लगभग 4230 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
प्रश्न : भारत का सबसे छोटा रामसर स्थल कौन सा है ?
उत्तर : हिमाचल प्रदेश में स्थित रेणुका वेटलैंड क्षेत्र भारत का सबसे छोटा रामसर स्थल है। यह लगभग 0.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
प्रश्न : भारत में सबसे ज्यादा रामसर स्थल किस राज्य में स्थित हैं ?
उत्तर : भारत में सबसे ज्यादा 14 रामसर स्थल तमिलनाडु राज्य में है।