LOC (लुक आउट सर्कुलर) कानून क्या है ?

LOC (look out circular)

LOC क्या है ?

  • यह एक सर्कुलर लेटर है जिसका उपयोग अधिकारियों द्वारा यह जांचने के लिए किया जाता है कि यात्रा करने वाला कोई व्यक्ति पुलिस द्वारा वांछित तो नहीं है 
  • इसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, समुद्री बंदरगाह जैसी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अप्रवासन (Immigration) जांच में भी किया सकता है 
  • यह पुलिस को फरार अपराधियों को पकड़ने और उन्हें सीमा पार करने से रोकने में मदद करता है 
  • एक LOC जांच एजेंसियों और अदालतो द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रभावशाली उपाय है 
  • इसका उपयोग उन संदिग्ध को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने के लिए किया जाया जाता है जो परीक्षण का इंतजार कर रहे हैं 
  • LOC के प्रकाशन के संबंध में मूल दिशा– निर्देश ग्रह मंत्रालय द्वारा जारी किए जाते हैं 
  • बड़ी संख्या में एजेंसियां LOC (Look Out Circular) जारी करने के लिए अधिकृत हैं जिनमें शामिल हैं–
  • केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI)
  • परिवर्तन निदेशालय 
  • आकर विभाग 
  • राजस्व खुफिया निदेशालय
  •  राज्य पुलिस खुफिया एजेंसी 

LOC के दिशा निर्देश –

  • 2010 के आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार नाम ,पासपोर्ट नंबर और डिटेल्स के साथ कुछ विवरण अनिवार रूप से शामिल किए जाते हैं
  • इन विवरण में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) संख्या कोर्ट केस नंबर आज भी शामिल होते हैं 
  • LOC को केवल प्रवर्तक के अनुरोध पर संशोधित , हटाया या वापस लिया जा सकता है
  • इसके अलावा LOC के अनुसरण में आप्रावासन प्राधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही का कानूनी दायित्व मूल एजेंसी के पास होता है
  • 2018 में गृह मंत्रालय ने 2010 के दिशा निर्देशों में बदलाव किया गया
  • ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि कई व्यवसाई ऋण लेकर देश छोड़कर भाग गए यह उनसे निपटने के लिए किया गया
  • इसने सभी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों के अध्यक्ष प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को LOC जारी करने के लिए अधिकृत किया
  • यह उन लोगों के खिलाफ जारी होता है जो देश के आर्थिक हितों के लिए हानिकारक हो सकते हैं

LOC (लुक आउट सर्कुलर) कानून

  • ब्लैक लिस्ट में डाल गए व्यक्ति LOC (Look Out Circular) को वापस लेने के लिए अदालत या सक्षम अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं ।
  • यदि एजेंसी की ओर से कोई नया अनुरोध नहीं किया जाता है तो यह स्वतः ही रिन्यू नहीं होगा ।
  • अधीनस्थ न्यायालय द्वारा और गैर जमानती वारंट के आधार पर LOC जारी किया सकता है ।
  • इस मामले में अदालत द्वारा वारंट को रद्द करने से वह अमान्य हो जाएगा ।

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