पश्चिमी घाट (Western Ghats)
- पश्चिमी घाट जिसे हम सहयाद्री के नाम से भी जानते हैं
- यह घाट विभिन्न प्रकार की वनस्पति और जीवों से समृद्ध है
- यह भारत के पश्चिमी तट के समानांतर चलता है
- यह घाट केरल ,तमिलनाडु, कर्नाटक ,गोवा महाराष्ट्र और गुजरात के पहाड़ों की एक श्रृंखला से मिलकर बना है
- इसे 2012 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है
- यह लगभग 140000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है
पश्चिमी घाट महत्वपूर्ण क्यों है?
- यह भारत के कुल भूमि के 6 प्रतिशत भाग में फैला हुआ है
- इस घाट में पौधों, मछलियों, पक्षियों और स्तनपाई प्रजातियों का 30% से अधिक हिस्सा पाया जाता है
- पश्चिमी घाट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट है
- यहां पर 5000 से अधिक फूलों वाले पौधों 139 स्तनधारियों 508 पंछियों और 179 उभयचरों कि प्रजातियां पाई जाती हैं
- यहां पर 325 से अधिक संकटग्रस्त प्रजातियां भी मौजूद है|
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पश्चिमी घाट खतरे में क्यों है?
विकासात्मक दबाव-कृषि क्षेत्र में विस्तार और शहरीकरण
- यहां की इकोलॉजी पर दबाव बढ़ रहा है
- यहां लगभग 50 मिलियन लोग रहते हैं और यहां लगातार जनसंख्या में बढ़ोतरी हो रही है एवं विकास कार्य का दबाव बढ़ रहा है जिसके कारण अधिक मात्रा में पेड़ों की कटाई हो रही है जिस वजह से वन्य जीवो पर खतरा मंडरा रहा है और जलवायु परिवर्तन पर भी प्रभाव बढ़ रहा है जिसके कारण बाढ़ और भूस्खलन जैसे प्राकृतिक आपदा में लगातार बढ़ोतरी हो रही है
- अरब सागर के गर्म होने के कारण इस क्षेत्र में चक्रवात भी तेजी से आ रहे हैं
- औद्योगिकरण के कारण प्रदूषणकारी उद्योग और खदानों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है
पश्चिमी घाट को बचाने के लिए सरकार के प्रयास-
गाडगिल समिति 2010-
- इस समित में पश्चिमी घाट को पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल घोषित करने की मांग की थी |
- इस घाट को पर्यावरण रूप से संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया था
कस्तूरीरंगन समिति 2012-
- इस समिति ने विकास और पर्यावरण संरक्षण को संतुलित करने का प्रयास किया था
- इस समिति में खनन और उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया था
यह चर्चा में क्यों है?
- किसानों से जुड़े केरल के एक गैर-सरकारी संगठन ने पश्चिमी घाट के 56,825 वर्ग किमी क्षेत्र को पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने वाली अधिसूचना के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है एवं इसे असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है|